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    ऊना एपीएमसी

    कृषि उत्पाद मंडी समिति ऊना की स्थापना वर्ष 1978 में हिमाचल प्रदेश कृषि उत्पाद मंडी अधिनियम, 1969 (1970 की अधिनियम संख्या 9) के तहत की गई थी। उक्त अधिनियम अब हिमाचल प्रदेश कृषि एवं बागवानी उत्पाद मंडी (विकास एवं नियमन) अधिनियम, 2005 (2005 की अधिनियम संख्या 20) की धारा 86 के जरिये निरसित हो चुका है। कृषि उत्पादों की खरीद-फरोख्त के बेहतर नियमन ओर जिले के उत्पादकों को विपणन और सूचना सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य के साथ राज्यपाल ने 25 मई, 2005 को इस अधिनियम को मंजूरी दी थी। मंडी समिति के संचालन क्षेत्र के रूप में संपूर्ण ऊना जिला अधिसूचित किया गया है। कृषि मंडी समिति, ऊना ने 25 मई, 1979 को 17 डीलरों के साथ काम करना शुरू किया था, जिनकी संख्या अब बढक़र 305 हो गई है। इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत फलों, सब्जियों, खाद्यान्नों एवं दुग्ध उत्पादों के व्यापारी कवर किए जाते हैं। शुरुआत में वर्ष 1979-80 के दौरान एपीएमसी ऊना की आमदनी 23,980 रुपए थी, जो कि वर्ष 2012-13 के दौरान बढक़र 1,21,18,510 रुपए तक पहुंच गई है। समिति अपने कार्यालय और विकास से जुड़े खर्चे अपनी आमदनी से ही पूरे कर रही है। एपीएमसी ऊना ने निम्नलिखित मंडी स्थल स्थापित किए हैं: 1. प्रमुख मंडी स्थल- ऊना 2. उप मंडी स्थल- संतोषगढ़ प्रमुख मंडी स्थल- ऊना प्रमुख मंडी स्थल ऊना की स्थापना के लिए ऊना-अंब मार्ग पर स्थित 25 कनाल भूमि कृषि विभाग के नाम स्थानांतरित की गई थी। वर्ष 1986-87 के दौरान, प्रमुख मंडी स्थल ऊना का निर्माण किया गया था, जिसमें भूतल पर फलों और सब्जियों की 20 दुकानें थीं। इमारत के प्रथम तल पर 6 कार्यालय कक्ष, चौकीदार कक्ष, कैंटीन और 5 एकल कक्षों व 2 रैनबसेरों के साथ किसान विश्राम गृह हैं। वर्ष 1997-98 के दौरान अनाज मंडी के लिए 4 दुकानों का निर्माण किया गया। वर्ष 2005 के दौरान मौजूदा अनाज मंडी में एक नई दुकान का निर्माण किया गया और फलों एवं सब्जियों के लिए दो नई दुकानों का निर्माण किया गया। प्रमुख मंडी स्थल में 6 बूथ भी हैं, जिनका निर्माण 20 सूत्री कार्यक्रम के तहत किया गया था। उप मंडी स्थल- संतोषगढ़ वर्ष 1999-2000 के दौरान सब्जियों और फलों की 20 दुकानों के सामने ढके हुए नीलामी चबूतरे का निर्माण किया गया, ताकि उत्पादकों/व्यापारियों/आढ़तियों को ज्यादा जगह मिले और गर्मी एवं बारिश से उनके उत्पाद सुरक्षित रहें। वर्ष 2008-09 के दौरान संतोषगढ़ में एक उप मंडी स्थल का निर्माण किया गया। इसने जुलाई, 2009 से काम करना शुरू किया। वर्ष 2011-12 के दौरान प्रमुख मंडी स्थल ऊना में फलों और सब्जियों के लिए 4 और नई दुकानें बनाई गईं।