Counter

  • Unique Visitor:121,779

    अकसर किये गए सवाल

    बोर्ड का अर्थ क्या है ?

    हिमाचल प्रदेष राज्य कृशि विपणन बोर्ड की धारा 3 के अन्र्तगत स्थापित बोर्ड।

    सदस्य का अर्थ क्या है ?

    ”सदस्य“ में बोर्ड के अध्यक्ष भी षामिल है।

    व्यवयाय का अर्थ क्या है ?

    ”व्यवसाय“ का अर्थ है, खरीद, बिक्री, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, परिवहन और कृशि उपज से जुड़े गतिविधियां।

    बाजार क्षेत्र क्या है ?

    एक बाजार क्षेत्रफल के संबंध में ”बाजार क्षेत्र“ एक निर्धारित जगह है और अधिसूचना से राज्य सरकार द्वारा किसी भी बाजार क्षेत्र में बाडे़, इमारतें या इलाके षामिल हो।

    विपणन का अर्थ क्या है ?

    ”विपणन“ का अर्थ है, कृशि उत्पाद का उत्पाद केन्द्र से, कटाई के स्तर से लेकर खपतकारों तक पहुंचाने तक आवागवन में षामिल वह सभी कार्य, जैसा कि ग्रेडिंग, प्रसंस्करण, भंडारण, आवागवन, वितरण और इस प्रक्रिया में षामिल सभी अन्य कार्य।

    उत्पादक का अर्थ क्या है ?

    ”उत्पादक“ का अर्थ है, कोई व्यक्ति व्यवसाय के साधारण अध्ययन में खुद या किरायेदार के जरिये कृशि उत्पाद पैदा करता, बनाता, पालन पोशण करता हो परन्तु वह व्यक्ति व्यापारी या आढ़तिय न हो या किसी फर्म का व्यापारी या आढ़तिय ना हो या उसके द्वारा या किराये के जरिये कृशि उत्पाद को पैदा, बनाए, पोशण किये जाने को छोड़कर कृशि उत्पाद के भंडारण के किसी अन्य कारोबार में लिपित ना हो।

    षर्ते कि कोई भी व्यक्ति को उत्पादक होने पर अयोग्य करार इसलिए ना किया जाए क्योकि वह सरकारी संघ का सदस्य हैे।

    व्याख्याः- उत्पादक षब्द में किरायेदार भी षामिल है।

    प्रसंस्करण का अर्थ क्या है ?

    ”प्रसंस्करण“ का अर्थ है, कच्चे कृशि पैदावार या उसके उत्पाद को छिड़काव, तीव्र, छिलाव, छोर, पारबोआईल, घर्श करना, कातना, दबाना, रोगमुक्त, साफ करने के लिए एक या विभिन्न चरणों में निरूपण करना।

    संसाधक का अर्थ क्या है ?

    ”संसाधक“ का अर्थ है, कोई व्यक्ति जो किसी अधिसूचित कृश उत्पाद का प्रसंस्करण अपनी इच्छा या मूल वसूलने के मकसद से करता हो।

    व्यापारी का अर्थ क्या है ?

    ”व्यापारी“ का अर्थ है, कोई व्यक्ति जो अपने कारोबार के साधारण अध्ययन के दौरान किसी भी अधिसूचित कृशि उत्पाद को खरीदता व बेचता है और तथा कोई व्यक्ति जो कोई कृशक न हो, परन्तु कृशि उत्पाद के प्रसंस्करण में लिपित होे।

    वहनीयता का अर्थ क्या है ?

    ”वहनीयता“ का अर्थ है, कृशि उत्पाद को बैल गाड़ी, ट्रक या किसे अन्य वाहन द्वारा कारोबार के स्तर पर एक जगह से दूसरी जगह तक विपणन के लिए ले जाना।

    मुल्य संयोजन का अर्थ क्या है ?

    ”मुल्य संयोजन“ का अर्थ है, प्रसंस्करण, ग्रेडिंग, डब्बा बंदी या कोई भी अन्य कार्यविधि जिससे कृशि उत्पाद में मुल्य का संयोजन होता है।

    आड़ती का अर्थ क्या है ?

    ”आड़ती“ का अर्थ है, कोई व्यक्ति जो प्रमुख व्यापारी की ओर से और दलाली के एवज में या लाभ अनुपात मुल्य के मकसद से कृशि उत्पाद को खरीदता है तथा भुगतान करता है, अपनी निगरानी में कृशि उत्पाद को खरीदता है व प्रमुख व्यापारी को देता है और बाजार क्षेत्र में बिक्री के लिए बाजार क्षेत्र में बाहर से भेजे गये कृशि उत्पाद को अपनी निगरानी में रखता है, उसे बाजार क्षेत्र में बेचता है व क्रेता से उसका मौल वसूल करता है व प्राप्त मुल्य को मुख्य व्यापारी तक पहुंचाता है।

    ठेके पर कृशि करने का अर्थ क्या है ?

    ”ठेके पर कृशि करना“ का अर्थ है, कोई व्यक्ति जिसे ”अनुबन्ध खेती उत्पादक“ जो किसी और व्यक्ति जिसे ”अनुबन्ध खेती प्रयोजक“ कहा गया है, के साथ किसी लिखती ईकरारबंध के तहत ईकरारबन्ध में दर्षाये अनुसार खेती करके अपने कृशि उपज को उसके तहत भेजता है।

    व्याख्या-”अनुबन्ध खेती उत्पादक“ का अर्थ है, कोई अकेला कृशक या कृशकों का एक संगठन जो किसी भी नाम से उस वक्त लागु कानून के तहत पंजीकरण हो।

    निर्यात का अर्थ क्या है?

    ”निर्यात“ का अर्थ है, भारत से बाहर कृशि भेजना।

    निर्यातक का अर्थ क्या है?

    ”निर्यातक“ का अर्थ है, कोई व्यक्ति जो कृशि उपज को निर्यात करता हो।

    ई ट्रेडिंग क्या है ?

    ”ई ट्रेडिंग“ वह है जिसमें बिलिंग, बुकिंग, ठेकेदारी, सौदेबाजी, जानकारी का आदान-प्रदान करना, रिकार्ड रखना और संबंधित कार्यो को ईलेक्ट्राॅनिक तरीके से कम्प्युटर नैटवर्क/इंटरनैट पर किया जाए।

    हमाल का अर्थ क्या है ?

    ”हमाल“ का अर्थ है, मज़दूर, हमाल या कुली जो द्वारा बनाने, लदान, उतराई, भराई, सिलाई या किसी भी कृशि उपज को अधिसूचित बाजार क्षेत्र में खाली करे या ले जाने में लिपित हो।

    आयात का अर्थ क्या है ?

    ”आयात“ का अर्थ है, भारत के बाहर से कृशि उत्पाद लेकर आना।

    आयातकों का अर्थ क्या है ?

    ”आयातकों“ का अर्थ है जो भारत के बाहर से कृशि उत्पादों को आयात करते हैं।

    बाजार षुल्क क्या है ?

    ”बाजार षुल्क“ का अर्थ है, कार्यभार, आड़त, तोल, माप, हमाली (लदान, माल उतारने या ले जाने), सफाई, सुखाई, छनाई, सिलाई, भराई, किराये पर रखना, बोरी, मोहरबंदी, बोरी भरना, इकट्ठा करना, भण्डारण, ग्रेडिंग, सर्वेक्षण, आवाजाई, संसाधन के संबंध में खर्चे करना।

    कृशक का अर्थ क्या है ?

    ”कृशक“ का अर्थ है, कोई व्यक्ति जो वास्तविक हिमाचली हो और हिमाचल प्रदेष में ज़मीन का मालक व काबज हो और जो खुदया किराये पर रखे मजदूर की मदद से कृशि पैदावार के उत्पादन में लिप्त हो पर बाजार कार्यकर्ताओं में षामिल न हो

    बाजार कार्य क्षमता का अर्थ क्या है ?

    ”बाजार के कार्याकर्ताओं“ का अर्थ है, कोई व्यापारी, आड़ती, क्रेता, हमाल, संसाधक, थोक व्यापारी व कोई भी अन्य व्यक्ति जिसे राज्य सरकार बाजार का कार्यकर्ता अधिसूचना द्वारा घोशित करती है।

    कृशि उत्पादन क्या है

    ”कृशि उत्पादन“ का अर्थ है, कृशि, बागवानी मधुमक्खी पालन, पषु और पषुधन उत्पाद, कच्चा ऊन और जानवरों की चमड़ी, वन उत्पादन तथा मत्स्य पालन के सभी उत्पादनों व सामग्रीयां जैसा कि इस नियम के उपबन्ध या इस नियम की धारा 19 के तहत सरकार द्वारा अधिसूचित किया गया है तथा जिसमें ऐसे दो या दो से अधिक उत्पादनों का मिश्रण षामिल हो।

    क्रेता का अर्थ क्या है

    ”क्रेता“ का अर्थ है, कोई व्यक्ति, फर्म, कम्पनी या सरकारी समिति और सरकारी एजंसी, सार्वजनिक उपक्रम/सार्वजनिक एजेंसी या निगम, आड़ती जो खुद या किसी दूसरे व्यक्ति या एजेंट के स्तर पर कृशि उत्पाद को अधिसूचित विपणन क्षेत्र में खरीद करता है।